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द्वारा लिखित blossomtimes.org
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गुरुवार, 28 जनवरी 2010 11:27 |
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जबरदस्त अग्रिम में चिकित्सा विज्ञान पिछले पांच दशक मे बनाया गया, पर यह समग्र दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में विफल रहा, क्योकि इसमे गंभीर रोगों के उपचार कि कुछ सीमा थी. और हालांकि ओपन हार्ट सर्जरी और गुर्दा प्रत्यारोपण में महान सफलता प्राप्त की गई है पर कुछ सामान्य मनोदैहिक माइग्रेन, दमा, मिरगी या कैंसर जो वास्तव में वृद्धि कर रहे हैं ऐसे रोगों का हमे कोई इलाज नहीं मिला है
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द्वारा लिखित Administrator
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मंगलवार, 24 नवम्बर 2009 16:47 |
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शरीर के तंत्रिका तंत्र है, जो कि हिस्सा है एक अति परिष्कृत नियंत्रण प्रणाली का, जिसको तीन भागों में विभाजित किया गया है, सेंट्रल,परिधीय और स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली. इन पद्धतियों को हम कैसे नियंत्रित करे जिससे हमारा ब्रह्मांड समझ के माध्यम से अनुभव करे और स्वायत्त प्रणाली भी नियंत्रित करता है स्वत: हमारे शरीर को गैर जागरूक कार्य से.
एक लाभकारी पक्ष प्रभाव है शांतिपूर्ण और विचार हीन ध्यान,जो हमारे स्वायत्त प्रणाली को स्वतः कम कर देता है,किसी भी भौतिक गतिविधियो से हमारे शरीर मे. चूंकि प्रणाली भी हिस्सा है हम सब के भीतर 'लड़ने या उड़ान' तंत्र का,(जिसमें आधुनिक दुनिया को क्षति पहुच सकती है उत्साहित के माध्यम से) यह साबित हो सकता है हमारे स्वास्थ्य के प्रमुख लाभ से. यह सुझाव दिया गया है कि बहती हुई उन्नत ऊर्जा के माध्यम से यह पूरा होता है जो लिम्बिक क्षेत्र में पाए जाते है (सहस्रार चक्र सिर के ऊपर होता है) जो सहानुभूति तंत्रिका तंत्र से जुड़ा है.
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द्वारा लिखित Administrator
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मंगलवार, 24 नवम्बर 2009 15:40 |
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आम तौर पर वैज्ञानिक सिद्धांत द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि मनुष्य एक सामाजिक जानवर और बौद्धिक क्षमताओं के साथ सशक्त है जो लगातार कोशिश करता है अपने जीने के तरीके को बेहतर बनाने के लिये. इसका मतलब यह है कि हर व्यक्ति को समाज और उसकी विशेष रूप द्वारा निर्धारित मानदंडों के भीतर कार्य करना होता है. सभ्यता के लंबे सालो से भी अधिक, हमने विकसित किया है एक समाज की जटिल संरचना जो कई मायनों में खंडित है. मापदंडों के आधार पर,संस्कृति, व्यवसाय, जाति,धर्म. इसी प्रकार एक व्यवसायिक को कार्य के साथ और भी कार्य को पूरा करना होता है उसकी / उसके कैरियर आकांक्षाओं, कंपनी प्रतिबद्धताओं, परिवार के दायित्वों और सामाजिक उम्मीदें भी. महिलाओं के लिए काम प्रतिबद्धता है, सख्त परिवार प्रतिबद्धता, और सामाजिक बंधन. इसी प्रकार दुनिया मे बढ़ती जनसंख्या की पूर्ति के लिए कोशिश कर रहे है सीमित संसाधनों की. आजकल सभी व्यक्तियों की आकांक्षाए बढ़ रही है,सभी समूहो की,राज्यों, देशों की, जिससे प्रभावित हो रहे है प्रौद्योगिकी,मीडिया और भी जगह. प्रत्यक्ष परिणाम से बढ़ रहा है राज्य की प्रतियोगिता, जो कि व्यक्तियों, समूहों, और सभी स्तरों के देशों, और समाज के बीच है. परिणाम: उच्च दबाव है ... लेकिन यह प्रदर्शन करना ही चाहिए और हमे अपने काम को जारी रखने के लिए और हमारे दायित्वों को पूरा करने की कोशिश करनी चहिये.
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द्वारा लिखित Administrator
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गुरुवार, 05 नवम्बर 2009 13:39 |
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बच्चे ध्यान कर सकते हैं.
और यहाँ कुछ और है: बच्चे सहज योग ध्यान भी कर सकते हैं युवा पुरुष की तुलना में अच्छी तरह से और बेहतर. वे ध्यान कर सकते है, कंपन महसूस कर सकते है और वे खुद तय भी कर सकते हैं. समानता और सादगी के लिए यह कैसे है?
कहीं भी दुनिया मे, जब हम सुनते है कि एक बच्चा संकट में है, हम सब काम बंद कर देते है.हमारी दिल की धड़कन तेज हो जाती है और हम बच्चे की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने लगते है.बच्चे हमारा भविष्य है,हमरा नया जीवन है,हमारी उम्मीद है.
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द्वारा लिखित Administrator
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गुरुवार, 26 जनवरी 2012 10:11 |
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It is no secret that the most effective workforce is the one that has learned to balance the emotional and intellectual capacities well. It is no longer useful to measure a person’s intelligent quotient in isolation, as a measure of how they might perform. Increasingly companies are realizing that a highly developed emotional intelligence is very important to achieve business success. People practicing Sahaja Yoga over an extended period of time have been shown to have a highly developed emotional intelligence.
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